वाराणसी, 18 जुलाई।
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सख्त लहजे में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय में गवाहों की अनुपस्थिति या मामले की पैरवी में किसी भी प्रकार की शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पीड़ितों को त्वरित न्याय प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए शासकीय अधिवक्ताओं और अभियोजन अधिकारियों को पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ अपना काम करना होगा।
बैठक में गंभीर श्रेणी के मुकदमों, जैसे कि पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस, एससी-एसटी अधिनियम, हत्या, बलात्कार और डकैती जैसे मामलों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर इनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, केस रजिस्ट्रेशन से लेकर चार्जशीट और अंतिम बहस तक की प्रक्रिया में ऑनलाइन डेटा फीडिंग और दस्तावेजों के आदान-प्रदान को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
जिलाधिकारी ने महिला एवं बालिका उत्पीड़न, गैंगस्टर और दहेज मृत्यु जैसे संगीन अपराधों में मजबूत पैरवी के निर्देश दिए हैं, ताकि दोषियों को सजा सुनिश्चित हो सके और राज्य सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सभी अभियोजन अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित गंभीर मुकदमों की सूची तैयार करें और नियमित समन्वय बनाकर गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाकर पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाना है।












