इंदौर, 24 जुलाई।
लगभग 70 करोड़ रुपये मूल्य के मेफेड्रोन ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय के इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल और अक्षय अग्रवाल शामिल हैं। तीनों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी जांच के दौरान हिरासत में लिया गया। यह जांच अपराध शाखा इंदौर द्वारा एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामला करीब 70 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) के अवैध कब्जे और तस्करी से जुड़ा है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये बताई गई है।
ईडी की जांच में पता चला कि आरोपियों ने मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से प्राप्त धन का इस्तेमाल कई व्यक्तिगत और व्यावसायिक बैंक खातों के माध्यम से विभिन्न वित्तीय लेनदेन में किया। वित्तीय पड़ताल में बड़े स्तर पर नकद लेनदेन, धन के प्लेसमेंट, लेयरिंग और अपराध से अर्जित आय को छिपाने के संकेत मिले हैं। जांच के दौरान दर्ज बयानों में नियमित कारोबारी गतिविधियों के साथ मादक पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी में संलिप्तता के भी संकेत सामने आए हैं।
इससे पहले 17 जुलाई को ईडी ने इंदौर और मंदसौर स्थित कई परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। कार्रवाई के दौरान आरोपियों की संपत्ति, वित्तीय लेनदेन और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए। मामले की जांच अभी जारी है।
ईडी ने कहा कि नशा मुक्त भारत का उद्देश्य केवल मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं है। अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को संचालित करने वाले वित्तीय नेटवर्क को समाप्त करना भी उतना ही आवश्यक है। एजेंसी ने कहा कि पीएमएलए के तहत अपराध से अर्जित आय की पहचान, उसका पता लगाने और उसे जब्त करने की कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही युवाओं को नशे के खतरे से बचाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को भी जरूरी बताया गया है।















