नई दिल्ली, 24 जुलाई।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित नीट पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शिवराज मोटगांवकर की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत ने सुनवाई के दौरान यह अहम आदेश पारित किया है, जिससे आरोपी की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।
सीबीआई ने आरोपी की जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि मोटगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में संचालित आरसीसी क्लासेज का संचालक है और उसने नीट के केमेस्ट्री पेपर के सेंटर से जुड़े प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के साथ मिलकर गहरी साजिश रची थी। जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी ने प्रश्न पत्र के एवज में प्रोफेसर को पांच लाख रुपए की रिश्वत दी थी और लीक पेपर अपने मोबाइल में मंगाकर छात्रों तक पहुंचाए थे।
इस गंभीर मामले की शुरुआत बीते 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर से हुई थी, जिसके बाद केंद्र सरकार के आदेश पर सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली थी। बता दें कि तीन मई को आयोजित नीट परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने के आरोप के चलते परीक्षा को रद्द करना पड़ा था और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई थी, तथा इस घोटाले में अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।











