भोपाल, 23 जुलाई।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा मोहल्ले में पिछले वर्ष दूषित जल से हुई मौतों के मामले में स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की समिति ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण यानी एनजीटी को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। इस सनसनीखेज खुलासे में सामने आया है कि पेयजल की पाइपलाइनों में सीवर का दूषित पानी मिलने से लोगों की जानें गईं और खतरनाक बैक्टीरिया भूमिगत जल तक पहुंच चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र से लिए गए अधिकांश नमूनों में खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया की भारी मौजूदगी पाई गई है, जो सीधे तौर पर नगर निगम की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। स्थानीय लोगों द्वारा पानी के स्वाद और गंध में बदलाव की लगातार शिकायतें करने के बावजूद अधिकारियों द्वारा समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।
भोपाल स्थित एनजीटी की पीठ ने इस पूरे प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि इस गंभीर लापरवाही की कीमत आम नागरिकों ने अपनी जान देकर चुकाई है। चूंकि इस मामले की समानांतर सुनवाई उच्च न्यायालय में भी चल रही है, इसलिए अधिकरण ने सभी पक्षों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए तीन सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 तय की है।















