रांची, 6 अगस्त।
झारखंड में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन और तेज हो गया है। राज्य विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो के समर्थन में दो महिलाओं सहित पांच प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल में शामिल हो गए। महतो पिछले चार दिनों से अनशन पर हैं और रक्त शर्करा व रक्तचाप का स्तर काफी गिरने के बाद उनकी सेहत चिंता का विषय बन गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियां दिन-रात कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों को जेल भेजा जा रहा है।
यह आंदोलन 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार से लगातार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके बाद उन्हें यह कड़ा आंदोलन शुरू करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई अथवा राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पैनल से कराने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार लागू करने पर भी जोर दिया गया है।













