पटना, 20 अगस्त।
बिहार में गुरुवार को पटना स्थित बामेती से बड़े कृषि अभियान की शुरुआत हुई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान समृद्धि, महिला उद्यमिता, युवा रोजगार, श्रमिक उत्थान और जनकल्याण संवाद अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार तथा राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल मौजूद रहे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण है और वह किसानों की सेवा के लिए काम कर रहे हैं। खेती को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रयासों से एकीकृत कृषि प्रणाली विकसित की गई है, जो किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री और बिहार सरकार की प्रमुख चिंता यह है कि राज्य के अधिकतर किसान छोटी जोत वाले हैं। कम जमीन पर परिवार का खर्च चलाना और लाभकारी खेती करना आसान नहीं है। इसलिए ऐसी कृषि व्यवस्था विकसित करने पर जोर है, जिसमें कम भूमि से भी किसानों को ज्यादा आमदनी मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसानों के पास जमीन सीमित है और कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में लागत घटाने के उपायों पर काम करना जरूरी है और सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अधिक इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों के बीच इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई।
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से कृषि लागत घटाई जा सकती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जनकल्याण संवाद अभियान पाटलिपुत्र की धरती से शुरू होकर प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचेगा। उन्होंने इसे कृषि विकास की नई सोच बताते हुए कहा कि इसमें किसान, महिला, युवा और श्रमिक सभी की भागीदारी होगी। कृषि को जनकल्याण और प्रगति का आधार बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। बिहार की खुशहाली और विकास के लिए कृषि क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कृषि रोडमैप की शुरुआत हुई थी, जिसने राज्य के कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों ने मेहनत के साथ नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाया है और देश के अन्य राज्यों के किसानों के साथ आगे बढ़ने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने प्राकृतिक और टिकाऊ कृषि से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। 22 अगस्त से गया में कृषि जनकल्याण संवाद अभियान का अगला चरण शुरू होगा। इसके बाद यह अभियान जिलास्तर पर प्रदेश के प्रत्येक जिले में चलाया जाएगा।
















