नई दिल्ली, 11 सितम्बर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान उन्हें महान तमिल कवि, दार्शनिक और संत तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से तिरुवल्लुवर की शाश्वत ज्ञान परंपरा भाषा और भौगोलिक सीमाओं को पार कर आगे पहुंचती है।
भारत मंडपम में हुई मुलाकात में दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। इसके बाद भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों तथा साझा हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सामाजिक माध्यम पर मुलाकात का वीडियो साझा किया और पुतिन को ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किए जाने की जानकारी दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन को ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद दिया है। उनके अनुसार, यह महान तिरुवल्लुवर के शाश्वत ज्ञान को भाषा और भौगोलिक सीमाओं से आगे ले जाने वाली कृति है।
‘तिरुक्कुरल’ तमिल साहित्य की प्रमुख रचनाओं में गिनी जाती है। इसमें 1,330 दोहे हैं। इन दोहों में नैतिकता, सदाचार, शासन, सामाजिक जीवन और मानवीय मूल्यों से संबंधित विचारों को संक्षिप्त तथा गहन रूप में प्रस्तुत किया गया है। महान कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की यह रचना तमिल साहित्य में विशेष स्थान रखती है।
राष्ट्रपति पुतिन को ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किए जाने को भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। यह भेंट दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को भी रेखांकित करती है।















