नई दिल्ली, 11 सितम्बर।
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि जब दुनिया के कई प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत में मौजूद हैं, ऐसे समय में कांग्रेस नेताओं का यह पूछना कि ब्रिक्स से भारत को क्या मिलेगा, उनकी सोच पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कांग्रेस से अपने शासनकाल के दौरान देश की आर्थिक और वैश्विक स्थिति को याद करने को कहा।
पत्रकार वार्ता में प्रसाद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की हालिया रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और उसकी परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता को रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट में सेवा, विनिर्माण और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में भारत की प्रगति को भी स्वीकार किया गया है। उन्होंने इसे देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का प्रमाण बताया।
ब्रिक्स सम्मेलन का उल्लेख करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति भारत पहुंच चुके हैं। चीन के राष्ट्रपति के अगले दिन दिल्ली पहुंचने और ईरान के राष्ट्रपति के भारत के लिए रवाना होने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका और मिस्र के राष्ट्रपति भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। प्रसाद के अनुसार, दुनिया के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले देशों के नेता इस समय दिल्ली में हैं। ऐसे समय में ब्रिक्स की उपयोगिता पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को ब्रिक्स पर सवाल उठाने से पहले इतिहास के आईने में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011, 2012 और 2013 में भारत की अर्थव्यवस्था को ‘फ्रैजाइल फाइव’ देशों में गिना जाता था। उस समय गोल्डमैन सैक्स की ओर से भी भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर टिप्पणियां की गई थीं।
उन्होंने दावा किया कि उस दौर में भारत में निवेश के सूखने की चर्चा थी और स्थिति ऐसी थी कि कुछ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने ब्रिक्स में भारत की जगह इंडोनेशिया को शामिल करने का सुझाव तक दिया था। प्रसाद ने कहा कि तब और आज के भारत की स्थिति में बड़ा अंतर है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से अपने शासनकाल के भारत की तुलना वर्तमान भारत से करने की अपील की।















