सना, 06 अक्टूबर।
यमन में मंगलवार को संघर्ष और तेज हो गया। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती ठिकानों के खिलाफ नए सैन्य अभियान चलाए, जबकि एक दिन पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार ने हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की थी। गठबंधन के मुताबिक, उसकी नौसैनिक इकाइयों ने होदेइदाह में हथियार भंडार, विस्फोटकों से लदी नौकाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली सुविधाओं और नौसैनिक बारूदी सुरंगों को नष्ट किया। इसके अलावा सना में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म और सादा में 20 मिसाइलों वाले भंडारण केंद्र को भी निशाना बनाया गया। वहीं, हूती पक्ष ने दावा किया कि उसने धुबाब और बाब अल-मंदब में सऊदी समर्थित बलों की बढ़त को रोक दिया। यमनी सरकार के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने अभियान का नाम ‘ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन’ रखा है। इसका उद्देश्य हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों को वापस लेना, सरकारी संस्थानों को बहाल करना और 2014 से हूतियों के नियंत्रण में रही राजधानी सना पर दोबारा सरकारी नियंत्रण स्थापित करना है।
यमनी सेना के अनुसार, सादा, अल-जौफ, ताइज और पश्चिमी तट पर हूती ठिकानों के खिलाफ 1,122 सटीक सैन्य अभियान चलाए गए। इनमें तोपखाने और रॉकेट लॉन्चर, रक्षा ठिकाने, आपूर्ति मार्ग, सैन्य सुदृढ़ीकरण तथा कमांड सेंटर निशाने पर रहे। सेना ने लड़ाकू विमानों, ड्रोन, तोपों, मिसाइलों, रॉकेट लॉन्चरों और स्नाइपर इकाइयों के इस्तेमाल की बात कही है। सरकार के जारी आंकड़ों में 1,747 हूती लड़ाकों के मारे जाने या निष्क्रिय किए जाने तथा 364 सैन्य वाहनों और अन्य उपकरणों के नष्ट या क्षतिग्रस्त होने का दावा किया गया है। सरकारी बलों ने बाब अल-मंदब और धुबाब के आसपास कई ठिकानों पर कब्जे की भी जानकारी दी है। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, सोमवार के अभियान में 100 लड़ाकू विमान शामिल हुए और 324 उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों को नष्ट किया गया। दूसरी ओर, हूतियों ने सऊदी हवाई क्षेत्र को असुरक्षित बताते हुए एयरलाइनों को चेतावनी दी है। बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच मक्का रक्षा गठबंधन की आपात बैठक हुई, जिसमें मौजूदा व्यवस्थाओं और राष्ट्रीय कानूनों के तहत सऊदी अरब में सहमत सैन्य बलों व क्षमताओं की त्वरित तैनाती की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनी। बहरीन ने भी यमनी सरकार के समर्थन और राजनीतिक समाधान की कोशिशों के प्रति समर्थन जताया है।














