पेरिस, 07 अक्टूबर।
फ्रांस में स्कूलों की बदहाल स्थिति, शिक्षकों की कमी, भीड़भाड़ वाली कक्षाओं और शिक्षा के लिए अधिक संसाधनों की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन देशभर में फैल गया है। मंगलवार को 2.5 लाख से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी सामने आई। कई शहरों में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, आंदोलन शुरू होने के बाद अब तक करीब 6,100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बड़ी संख्या नाबालिगों की है। अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान 215 छात्रों और 715 पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी है। आंदोलन के बीच उत्तरी फ्रांस के लेंस शहर में 15 वर्षीय छात्र का हाथ गंभीर रूप से घायल होकर अलग हो गया। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, छात्र के हाथ में पुलिस के इस्तेमाल वाले स्टन ग्रेनेड के संपर्क में आने के बाद विस्फोट हुआ था। घटना के बाद गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हाईस्कूल छात्रों के प्रदर्शनों के दौरान स्टन ग्रेनेड के इस्तेमाल को जांच पूरी होने तक अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकोर्नू ने छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, पुराने स्कूल भवनों की मरम्मत, कक्षाओं में भीड़ कम करना और स्कूल के लंबे समय तक चलने वाले कार्यक्रम की समीक्षा शामिल है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ स्थिति पर आपात बैठक की। सरकार ने पुलिस द्वारा व्यवस्थित दमन के आरोपों को खारिज किया है, जबकि पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों में आंतरिक जांच चल रही है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, आंदोलन के दौरान कई स्कूलों को नुकसान पहुंचा है और बुधवार को करीब 500 हाईस्कूलों में कक्षाएं बाधित रहीं। छात्र संगठनों ने गुरुवार को भी स्कूलों में प्रदर्शन और नाकाबंदी जारी रखने का आह्वान किया है।














