नई दिल्ली, 07 अक्टूबर।
रूस के काला सागर के समुद्री तटवर्ती इलाके में एक बड़ा हादसा टल गया, जब लाइबेरियाई ध्वज वाले क्रूड ऑयल टैंकर 'एफ्रामैक्स रियो' को अज्ञात ड्रोन और मानवरहित सतही नौकाओं (यूएसवी) के जरिए निशाना बनाया गया। इस अचानक हुए भीषण हमले के परिणामस्वरूप तेल टैंकर में भयंकर आग भड़क उठी और वह खुले समुद्र के बीचों-बीच धू-धू कर जलने लगा। हालांकि, गनीमत यह रही कि टैंकर पर सवार सभी 23 चालक दल के सदस्यों को समय रहते पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इस खतरनाक घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। समाचार एजेंसी तास की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जहाज पर तैनात और सुरक्षित बचाए गए सभी नाविक भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं।
इस गंभीर सुरक्षा खतरे के सामने आने के बाद रूसी परिवहन मंत्री आंद्रे निकितिन ने फौरन एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें राहत और बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की गई। परिवहन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि समुद्र के खुले पानी में लगी आग की तीव्रता कम होने के बाद उस पर पूरी तरह काबू पाने का अभियान शुरू किया जाएगा। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सिरीयस संघीय क्षेत्र के नजदीकी समुद्र तटों को आम जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके अलावा, किसी भी संभावित पर्यावरणीय खतरे को टालने के लिए हवा और पानी की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदूषण का स्तर तय मानकों से नीचे ही रहे।














