नई दिल्ली, 07 अक्टूबर।
देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद पर ढाई दशक (25 वर्ष) का सफर पूरा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को सराहते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक अभिनंदन प्रस्ताव को मंजूरी दी है। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी संभाली थी और वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। इस तरह आज उन्होंने सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 25 वर्षों का कार्यकाल भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति का देशसेवा के लिए स्वयं को समर्पित करना और लगातार राष्ट्र की सेवा करना लोकतंत्र की जीवंतता, सक्रियता और परिपक्वता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतांत्रिक देशों के इतिहास में एक विशिष्ट उपलब्धि दर्ज की है, क्योंकि दुनिया में ऐसे बहुत कम उदाहरण हैं, जहां जनता ने लगातार किसी एक नेता को अपना समर्थन दिया हो।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली में जनसेवा, राष्ट्रसेवा और राष्ट्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भावना प्रमुख रही है। मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सार्वजनिक नेतृत्व से जुड़े दस प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया गया है। इनमें पहला बिंदु गुजरात में विकास के अनुभव को पूरे देश तक विस्तारित करने से संबंधित है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने विभिन्न योजनाओं और नीतियों के माध्यम से कई बदलाव किए, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान और सराहना मिली। इसी अनुभव को बाद में देशव्यापी स्तर पर लागू किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात मॉडल को व्यापक स्तर पर स्वीकार किया गया और इसके आधार पर देश में विकास की दिशा को आगे बढ़ाया गया।














