भोपाल, 15 अक्टूबर।
भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में पत्नी और साली की हत्या के मामले में अदालत ने पूर्व सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) योगेश मरावी को दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। दोषी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष के कारावास की सजा भी दी गई है। लोक अभियोजन अधिकारी सुधा श्रीवास्तव ने फैसले की जानकारी दी।
3 दिसंबर 2024 को हुई थी दोहरी हत्या
यह मामला 3 दिसंबर 2024 का है। उस दिन मंडला जिले में एएसआई के पद पर पदस्थ योगेश मरावी ने भोपाल के ऐशबाग स्थित एक फ्लैट में अपनी पत्नी विनीता मरावी और साली मेघा उइके पर चाकू से हमला किया था। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जांच में सामने आया था कि मेघा पर 56 और विनीता पर 16 वार किए गए थे।
पढ़ाई और करियर को लेकर था विवाद
जांच के दौरान सामने आया कि मेघा उइके अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर गंभीर थीं। उन्होंने उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा का लिखित चरण भी पास कर लिया था। प्रारंभिक जांच और बयानों के अनुसार, मेघा की पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं को लेकर योगेश मरावी से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को वारदात की प्रमुख वजह बताया गया था।
मेघा मूल रूप से बैहर की रहने वाली थीं और उन्होंने जबलपुर के एमएच कॉलेज से पढ़ाई की थी। उन्होंने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर स्वयं को सहायक निदेशक बताया था।
वारदात के बाद फरार हुआ था आरोपित
दोनों की हत्या के बाद योगेश मरावी मौके से फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए भोपाल पुलिस ने तीन टीमें गठित की थीं और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले थे। जांच में पता चला कि वह एक कार से चालक के साथ भोपाल आया था।
पुलिस ने आरोपित और कार की तस्वीरें आसपास के जिलों में प्रसारित कीं। इसके बाद मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र की पिंडरई चौकी पर नाकाबंदी कर संदिग्ध कार को रुकवाया गया। पुलिस ने योगेश मरावी और उसके साथ मौजूद चालक को पकड़ लिया था। बाद में आरोपित को भोपाल लाया गया।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने योगेश मरावी को दोनों हत्याओं के लिए दोषी ठहराते हुए दोहरी आजीवन कारावास और आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
















