मैहर, 22 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश की स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति पंजीयन के मामले में मैहर तहसील ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। तहसील में कुल 1,143 संपत्ति पंजीयन दर्ज किए गए हैं। इस उपलब्धि को जिले की प्रशासनिक कार्ययोजना, अधिकारियों के समन्वय और राजस्व अमले की सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मैहर जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के प्रयासों की प्रशंसा की है। इस उपलब्धि में कलेक्टर के नेतृत्व के साथ अपर कलेक्टर रोशन राय, अनुविभागीय अधिकारी दिव्या पटेल, तहसीलदार जितेंद्र पटेल और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
स्वामित्व योजना के अंतर्गत संपत्ति पंजीयन के आंकड़ों में प्रदेश की पांच प्रमुख तहसीलों में मैहर ने 1,143 पंजीयन के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है। अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल, क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने से यह सफलता मिली है।
राजस्व संबंधी योजनाओं में समय पर कार्रवाई, मैदानी अमले की सक्रियता और नियमित प्रशासनिक निगरानी लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण होती है। मैहर की उपलब्धि को भी इन्हीं प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की सराहना से जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा है।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकारों को स्पष्ट करना और पात्र लोगों को वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को मजबूत बनाना है। ऐसे में पंजीयन की संख्या बढ़ाने के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि पात्र हितग्राहियों को योजना का वास्तविक लाभ मिले। दस्तावेजी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए।
मैहर की इस उपलब्धि ने जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाई है। अब प्रशासन के सामने इस गति को बनाए रखने और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जिम्मेदारी भी है।














