इस दौरान सतना–देवेंद्रनगर और रीवा–चुरहट रेलखंडों का उद्घाटन किया गया। सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड 53 किलोमीटर लंबा है, जबकि रीवा–चुरहट रेलखंड की लंबाई 65 किलोमीटर है। इस अवसर पर देवेंद्रनगर–चुरहट ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई रेल सुविधाओं से विंध्य क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। प्रदेश में रेल नेटवर्क का विस्तार व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने रेलवे के विकास में केंद्रीय रेल मंत्री के योगदान की सराहना की।
विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र को दो नई मेमू ट्रेनों की सौगात मिली है। उद्घाटन के दिन यात्रियों को मुफ्त सफर करने का अवसर दिया गया। नागौद स्टेशन पर सांसद विष्णुदत्त शर्मा डफली बजाते नजर आए। ट्रेन में बच्चियों ने गीत गाकर और नृत्य कर खुशी जताई। फुलवारी स्टेशन पर भी स्थानीय लोगों ने नई ट्रेन का उत्साह के साथ स्वागत किया।
स्थानीय यात्रियों ने कहा कि चुरहट और सीधी क्षेत्र के लोगों का रेल सेवा का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब पूरा होने की दिशा में है। छुही घाट और रामपुर नैकिन होते हुए पन्ना तथा सीधी की ओर रेल संपर्क बढ़ने से लोगों को आने-जाने में आसानी होगी।
नई मेमू ट्रेनें रविवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेंगी। इनका नियमित संचालन 26 अक्टूबर से शुरू होगा।
ट्रेन में यात्रा के दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि दिसंबर तक रेल सुविधा सीधी तक पहुंचाने का लक्ष्य है। सीधी–सिंगरौली रेलखंड पर 16 सुरंगों का निर्माण कार्य चल रहा है। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक सिंगरौली को रेल नेटवर्क से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन क्षेत्र के विकास, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने ललितपुर–सिंगरौली रेल लाइन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों के दौरान विंध्य क्षेत्र की रेल परियोजना की अनदेखी हुई। उन्होंने बताया कि 1956 में रेल लाइन को 10 साल में पूरा करने का वादा किया गया था, लेकिन 1966 तक काम पूरा नहीं हो सका। उनके अनुसार, 1977 में तत्कालीन रेल मंत्री प्रो. मधु दंडवते ने पहली बार इस रेल लाइन के सर्वे का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद परियोजना को प्राथमिकता मिली।
कार्यक्रम में सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह और नागौद विधायक नागेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
सीधी जिले का रेल नेटवर्क से जुड़ना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, मरीजों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही, बड़े शहरों और प्रमुख बाजारों तक पहुंचने के लिए परिवहन के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।














