नई दिल्ली, 23 मार्च।
उच्चतम न्यायालय ने गुरुग्राम में चार साल की नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार और राज्य के डीजीपी को नोटिस जारी किया है।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर और मामले के जांच अधिकारी को 25 मार्च को सभी आवश्यक रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। अदालत ने गुरुग्राम के जिला जज को भी आदेश दिया कि संबंधित मजिस्ट्रेट से पूछताछ करें कि इतनी संवेदनशील जांच में ढील क्यों बरती गई।
वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने 20 मार्च को बेंच के समक्ष मामला प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर और भयावह घटना है। उन्होंने बताया कि नाबालिग को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। घटनास्थल सुरक्षित नहीं किया गया और सीसीटीवी फुटेज भी नहीं लिए गए। बच्ची ने पूरी घटना बयान कर दी थी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू सहायिका इसमें शामिल है।
मुख्य न्यायाधीश ने तब पूछा कि उच्च न्यायालय क्यों नहीं गए। रोहतगी ने बताया कि उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में है और बच्ची का परिवार गुरुग्राम में है, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय को यह संदेश देना जरूरी था। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई 23 मार्च को कराने का आदेश दिया।











