काठमांडू, 02 अप्रैल 2026।
प्रतिनिधि सभा के चुनावों के बाद संसद का पहला अधिवेशन आज से शुरू हो रहा है। सिंहदरबार स्थित निर्माणाधीन संघीय संसद भवन के बहुउद्देश्यीय कक्ष में दोपहर 2 बजे प्रतिनिधि सभा की बैठक आयोजित की गई है। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने 30 मार्च को संविधान के अनुसार मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर संघीय संसद के दोनों सदनों का अधिवेशन आज के लिए बुलाया था। बैठक की शुरुआत में प्रोटेम स्पीकर अर्जुननरसिंह केसी अधिवेशन आह्वान संबंधी पत्र पढ़ेंगे और मंत्रिपरिषद गठन की जानकारी देंगे।
संसद सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरी ने बताया कि बैठक संचालन के लिए भौतिक, सुरक्षा, तकनीकी और जनशक्ति सहित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संघीय संसद के ऊपरी सदन (राष्ट्रीय सभा) की बैठक भी सिंहदरबार स्थित संसद सचिवालय के कक्ष में होगी। 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के 182, नेपाली कांग्रेस के 38, नेकपा एमाले के 25, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के 17, श्रम संस्कृति पार्टी के 7, राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी के 5 और एक स्वतंत्र सांसद शामिल हैं।
अधिवेशन के पहले चरण में दलों के सांसद अपने विचार व्यक्त करेंगे। प्रोटेम स्पीकर के अनुसार, आज स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने, एमाले संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष एवं संसदीय दल के नेता पुष्पकमल दाहाल, श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क सांपांग और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के नेता ज्ञानेन्द्रह शाही संबोधन करेंगे। कांग्रेस की ओर से वक्ता का नाम अभी तय नहीं हुआ है।
आज की बैठक में तीन अध्यादेश पेश किए जाएंगे। गृहमंत्री सुदन गुरूंग के द्वारा ‘मतदाता नामावली (पहला संशोधन) अध्यादेश 2025’, ‘प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन (पहला संशोधन) अध्यादेश 2025’ और ‘नेपाल विशेष सेवा (दूसरा संशोधन) अध्यादेश 2025’ संसद में प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा, प्रोटेम स्पीकर केसी प्रतिनिधि सभा की कार्यवाही 2022 की नियमावली के अनुसार चलाने का प्रस्ताव पेश करेंगे, जब तक नई नियमावली तैयार नहीं होती। बैठक में स्पीकर की अनुपस्थिति में अध्यक्षता करने वाले सदस्यों का भी मनोनयन किया जाएगा।
आज स्पीकर (सभामुख) चुनाव की समय-सारिणी भी सार्वजनिक की जाएगी। सर्वदलीय बैठक में 5 अप्रैल को सभामुख का चुनाव कराने पर सहमति बनी है। बैठक के अंत में संविधान सभा के पूर्व सदस्यों—ऋषिकेश गौतम, मोहम्मद आफताब आलम, आमोद प्रसाद उपाध्याय, होमनाथ दाहाल और बलदेव बोहोरा—के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया जाएगा।












