नई दिल्ली, 02 अप्रैल।
नई दिल्ली में गुरुवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। अब 13 दिनों के अंतराल के बाद बजट सत्र की अगली बैठक 16 अप्रैल को सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जो 18 अप्रैल तक संचालित होने की संभावना है। इस अवधि में महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू की ओर से प्राप्त अनुरोध के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विशेष सत्र के दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल और निजी सदस्यों का समय नहीं रखा जाएगा। इसके साथ ही लोकसभा की कार्यवाही को 16 अप्रैल सुबह 11 बजे तक स्थगित करने की घोषणा की गई।
इससे पहले राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित करते हुए उपसभापति हरिवंश ने भी जानकारी दी कि सदन की अगली बैठक 16 अप्रैल को ही होगी। दोनों सदनों में एक समान निर्णय के तहत कार्यवाही को रोका गया है।
गौरतलब है कि इस वर्ष 28 जनवरी से प्रारंभ हुआ बजट सत्र 02 अप्रैल को समाप्त होना था, लेकिन सरकार द्वारा कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को प्रस्तुत करने की तैयारी के चलते सत्र को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सूत्रों के अनुसार सरकार का प्रमुख ध्यान महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने पर केंद्रित है।
बताया जा रहा है कि इस दिशा में लोकसभा की मौजूदा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक के लागू होने में जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया बाधा बन रही थी, जिसे अब संशोधन के माध्यम से दूर करने की तैयारी है।
इस संशोधन के जरिए 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है, जिससे महिलाओं को शीघ्र प्रतिनिधित्व मिल सके। यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो लोकसभा की कुल सीटों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
इस स्थिति में कुल सीटों में से लगभग एक-तिहाई यानी करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को जल्द से जल्द उनका अधिकार दिलाना और राजनीतिक भागीदारी में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।











