जगदलपुर, 30 मार्च।
नगर पालिक निगम जगदलपुर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आज सोमवार को अपना अनुमानित बजट पेश किया। बजट सत्र की शुरुआत से पहले ही पार्षदों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर बहस शुरू हो गई और माहौल गरम हो गया। नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप के कारण कुछ समय के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
कुछ अंतराल के बाद महापौर संजय पांडे ने बजट प्रस्तुत किया। प्रस्तुत बजट में निगम की अनुमानित आय 24053.21 लाख और कुल व्यय 24092.84 लाख रुपये रखा गया है, जिससे 39.63 लाख रुपये का घाटा अनुमानित है। महापौर ने कहा कि जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की बजाय प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और राजस्व संवर्धन के माध्यम से निगम की आय बढ़ाई जाएगी। इसके लिए 3000 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
महापौर ने बताया कि किराया, विज्ञापन, होर्डिंग, एलईडी डिस्प्ले, फ्लेक्स विज्ञापन और दुकानों के निर्माण से राजस्व बढ़ाने की योजना है। शहर की जलापूर्ति को मजबूत करने के लिए भी 3000 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें पाइपलाइन विस्तार, पुरानी लाइनों की मरम्मत और पेयजल आपूर्ति नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण शामिल है। अमृत मिशन के तहत कार्यों को तेजी देने के लिए आगामी 1-2 महीनों में प्रथम चरण पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लगभग 60 प्रतिशत आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
स्वच्छता और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 1000 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत आधुनिक सफाई वाहन और उपकरण खरीदे जाएंगे, घर-घर डस्टबिन वितरित किए जाएंगे और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को 100 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाएगा। महापौर ने बताया कि निगम का लक्ष्य स्वच्छ सर्वेक्षण में जगदलपुर को देश के शीर्ष 10 शहरों में लाना है।
विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु 300 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत करना और नए क्षेत्रों में इसका विस्तार करना शामिल है। महापौर ने कहा कि यह बजट शहर के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनता को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अंतिम लक्ष्य जगदलपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर शहर बनाना है।











