भोपाल, 27 अप्रैल
प्रदेश में संचालित सांदीपनि विद्यालयों ने एमपी बोर्ड परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए राज्य स्तरीय मेरिट सूची में 58 विद्यार्थियों को स्थान दिलाया है। यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव का परिणाम माना जा रहा है।
हाल ही में घोषित 10वीं और 12वीं के परिणामों में सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। आंकड़ों के अनुसार विगत चार वर्षों में इन विद्यालयों के परीक्षा परिणामों में 20 से 28 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वर्ष 2026 की मेरिट सूची में कक्षा 10वीं से 41 विद्यार्थी तथा कक्षा 12वीं के विज्ञान, वाणिज्य, कला और कृषि संकायों से 17 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है। इससे विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में आए सुधार की पुष्टि होती है।
कक्षा 10वीं के परिणामों में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 68 था, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 88 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसी अवधि में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का अनुपात 46 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
कक्षा 12वीं के परिणामों में भी सुधार देखा गया है, जहां उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 59 से बढ़कर 87 प्रतिशत से अधिक हो गया है। वहीं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत 42 से बढ़कर 75 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
इन उपलब्धियों के पीछे सांदीपनि विद्यालयों में मजबूत शैक्षणिक वातावरण, नियमित निगरानी, शिक्षक-छात्र संवाद और परिणाम आधारित शिक्षण रणनीतियों को प्रमुख कारण बताया गया है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि हुई है।
सांदीपनि विद्यालयों में बिना किसी प्रवेश परीक्षा के, स्थानीय एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। इससे सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है। यह मॉडल अब परिणामोन्मुख और छात्र-केंद्रित शिक्षा का एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रहा है।













