भोपाल, 27 अप्रैल।
भोपाल के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित कोहेफिजा में रविवार को आयोजित इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन जलसे में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि मौलाना अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान ने कभी किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की और हमेशा शांति का पक्षधर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान संघर्ष किसी भी देश के लिए लाभकारी नहीं हैं, चाहे वह अमेरिका हो, इजरायल हो या ईरान, और ईरान की नीति सदैव शांति पर आधारित रही है।
मौलाना इलाही ने भारत और ईरान के बीच संबंधों को अत्यंत प्राचीन बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच लगभग 5 हजार वर्षों से सांस्कृतिक, दार्शनिक, शैक्षणिक और साझा विरासत का गहरा जुड़ाव है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संबंध पहले से मजबूत है, लेकिन आपसी सहयोग और समझ को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भारत के इतिहास और समाज पर लिखी 20 से अधिक पुस्तकों का अध्ययन कर चुके हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि खामेनेई जवाहरलाल नेहरू की पुस्तक ‘भारत की खोज’ की सराहना करते हैं और इसे विद्यार्थियों को भी पढ़ने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह कठिन परिस्थितियों में लिखा गया एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे, जहां एकता के प्रतीक स्वरूप भारतीय तिरंगा भी हाथों में देखा गया। वहीं कुछ बच्चों ने फिलिस्तीन के झंडे और खामेनेई की तस्वीरों वाले टी-शर्ट पहनकर अपनी एकजुटता और समर्थन की भावना को प्रदर्शित किया।









