29 मार्च 2026, कोलंबो:पश्चिम एशिया में तनाव और ईंधन संकट के बीच श्रीलंका अपने ऊर्जा भंडारण को मजबूती देने की योजना बना रहा है। त्रिंकोमाली में मौजूद दूसरे विश्व युद्ध के समय बने तेल टैंक को फिर से विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने इसे देश के ऊर्जा संकट का भरोसेमंद और स्थायी समाधान बताया। उन्होंने कहा कि तेल के भंडारण और वितरण को मजबूत करने के लिए लंबी अवधि की रणनीति आवश्यक है। इस दिशा में भारत और यूएई के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है।
यह समझौता अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलंबो यात्रा के दौरान हुआ था। इसमें त्रिंकोमाली को क्षेत्रीय ऊर्जा केंद्र बनाने, पुराने टैंकों को आधुनिक बनाने और तेल शोधन तथा वितरण के लिए नए बुनियादी ढांचे की स्थापना की योजना शामिल है।












