नई दिल्ली, 21 मार्च।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के कच्चे तेल के व्यापार को लेकर सीमित अवधि के लिए राहत देने का निर्णय लिया है। ट्रंप प्रशासन ने प्रतिबंधों में 30 दिनों की अस्थायी छूट प्रदान की है, जो विशेष रूप से समुद्र में पहले से मौजूद ईरानी तेल टैंकरों की खरीद-बिक्री पर लागू होगी। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ाना और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि देखी गई है।
इस फैसले की जानकारी अमेरिकी ट्रेजरी मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दी। ट्रेजरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह छूट 20 मार्च से 19 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को संतुलित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। मौजूदा संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी हैं, जो पहले काफी कम थीं।
बताया गया है कि 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी। स्कॉट बेसेंट के अनुसार, इस अस्थायी राहत से वैश्विक बाजार में करीब 14 करोड़ बैरल तेल तेजी से उपलब्ध हो सकेगा। इससे ऊर्जा की आपूर्ति में सुधार होगा और मौजूदा दबाव को कम करने में मदद मिलेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।












