वाशिंगटन/दुबई, 20 मार्च 2026।
अमेरिका-इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों ने वैश्विक बाजार और कच्चे तेल की कीमतों में उथल-पुथल मचा दी है। कतर की रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए हमलों के बाद वाशिंगटन अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर दिख रहा है। इसी के चलते अमेरिका ने ईरानी तेल पर प्रतिबंध हटाने का संकेत दिया है।
अमेरिका इस हलचल के बीच प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहा है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन उन ईरानी तेल लोडिंग पर से प्रतिबंध हटा सकता है जो पहले से ही जहाजों में मौजूद है। फारस की खाड़ी में ईरान के बढ़ते हमलों से बड़े ऊर्जा संकट की आहट महसूस की जा रही है। रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में दुनिया की सबसे बड़ी लिक्विफाइड नेचुरल गैस सुविधा मौजूद है।
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि ट्रंप प्रशासन लगभग 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटा सकता है। इस तेल को पहले ही चीन को रियायती दर पर बेचने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अमेरिका ने यह रणनीति पहले रूसी तेल के साथ भी अपनाई थी। इससे केवल वह कच्चा तेल बाजार मूल्य पर अन्य एशियाई देशों तक पहुंच सकेगा।
बेसेंट ने कहा कि अगर अमेरिका ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटाता है, तो इसकी कीमत बाजार मूल्य तक पहुंच जाएगी और यह चीन के अलावा अन्य देशों में भी उपलब्ध होगा। इस कदम से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बाजार संतुलन पर प्रभाव पड़ेगा।












