वाशिंगटन/तेहरान, 24 मार्च।
तेहरान ने वाशिंगटन से मध्यस्थों के जरिए एक संदेश प्राप्त किया है, जो दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत की शुरुआत की दिशा में संकेत माना जा रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि उन्हें अमेरिका की ओर से महत्वपूर्ण संदेश मिले हैं, जिनकी समीक्षा जारी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए थे कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता संभव है।
ईरानी अधिकारी ने कहा कि मध्यस्थों के माध्यम से मिले संदेश सार्थक हैं और इसे दोनों पक्ष ध्यान से देख रहे हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी को समाप्त करने के लिए सकारात्मक और गंभीर बातचीत हुई है। इसके अलावा उन्होंने पत्रकारों से कहा कि लगभग 15 अहम मुद्दों पर दोनों देशों में सहमति बन गई है। ईरानी अधिकारियों ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शांति है।
हाल ही में ट्रंप ने ईरान को दी गई धमकी वापस ले ली थी। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोलेगा तो उसके बिजली संयंत्रों पर हमला किया जाएगा, लेकिन अब यह खतरा टल गया है। ईरान और अमेरिका के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन ऐतिहासिक रूप से अप्रत्यक्ष बातचीत जारी रही है।
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क में है, जो सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने से सहमत नहीं है और यूरेनियम संवर्धन बंद करने पर जोर दिया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इजराइल अमेरिका-ईरान समझौते में शामिल होगा या नहीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, युद्ध के दौरान 9,000 से अधिक ईरानी ठिकानों और 140 से अधिक नौसैनिक जहाजों पर हमला किया गया है।











