भोपाल, 23 मार्च।
मध्य प्रदेश में मार्च के अंतिम सप्ताह से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है।
मौसम में यह बदलाव उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण होगा। फिलहाल, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और पाकिस्तान क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, लेकिन उसका सीधे प्रभाव मध्य प्रदेश पर नहीं पड़ेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले तीन दिनों तक दिन का तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है।
प्रदेश में 18 से 21 मार्च के बीच हुई बारिश के बाद तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को उज्जैन में 34, इंदौर में 33.3, भोपाल में 33, ग्वालियर में 31.8 और जबलपुर में 31.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। नर्मदापुरम सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
पिछले चार दिनों में सक्रिय सिस्टम के कारण प्रदेश के 45 जिलों में आंधी और बारिश हुई, जिनमें 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। तेज आंधी और ओलों से केला, पपीता और गेहूं की फसल प्रभावित हुई, खासकर धार और खरगोन जिलों में।
मौसम विभाग ने आगे अनुमान जताया है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ेगी। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार कर सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में भी गर्मी का असर अधिक रहेगा।












