भोपाल, 24 मार्च।
मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ली है। सोमवार को प्रदेश के उत्तरी हिस्सों जैसे उज्जैन, सागर और ग्वालियर-चंबल संभाग में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से बादल छाए रहे, जिससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में पारा 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि अन्य हिस्सों में गर्मी का असर जारी रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को गर्मी बनी रहेगी, लेकिन 26 और 27 मार्च को मौसम फिर बदल सकता है। इस दौरान कई इलाकों में आंधी और बारिश की संभावना है। 26 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में लगभग दो दिन तक रहेगा। इसके बाद 29 मार्च को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत आंधी-बारिश के साथ हो सकती है।
प्रदेश में पिछले दिनों लगातार चार दिन तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। इसके थमते ही तापमान बढ़ने लगा। सोमवार को रायसेन में अधिकतम तापमान 38 डिग्री, नर्मदापुरम 37.4, रतलाम 36.4, गुना व खरगोन 36.2, खजुराहो 36, नरसिंहपुर 35.4, धार 35.3, खंडवा 35.1 और उमरिया 35 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा (35 डिग्री), भोपाल 34.4, इंदौर 34.9, जबलपुर 34.2 और ग्वालियर 29.2 डिग्री सेल्सियस पर रहा।
हाल ही में सक्रिय रहे मजबूत सिस्टम के कारण प्रदेश के 45 जिलों में आंधी-बारिश हुई, जिनमें 17 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। तेज आंधी के कारण केला, पपीता और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा, विशेषकर धार और खरगोन जिलों में प्रभाव अधिक देखा गया।












