भोपाल, 25 मार्च।
मध्य प्रदेश में मौसम ने अलग-अलग रंग दिखाए। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के प्रभाव से मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बादल छाए रहे, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज गर्मी ने लोगों को परेशान किया। इन क्षेत्रों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। बुधवार को भी इसी तरह मौसम का मिजाज बने रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने 27 और 28 मार्च को प्रदेश में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। 26 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका असर अगले दो दिनों में ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में दिखाई देगा। इसके अलावा 28 मार्च को एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने की संभावना है, जो मौसम को और प्रभावित कर सकता है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर अलग रहा। बीती रात रीवा और सागर में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि मालवा-निमाड़ क्षेत्र में गर्मी अधिक रही। खंडवा में तापमान 38.1 डिग्री, रतलाम में 38 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री, खरगोन और रायसेन में 37.6 डिग्री, धार और मंडला में 36.5 डिग्री तथा नरसिंहपुर में 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा (35.8 डिग्री), भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 35.6 डिग्री दर्ज किया गया।
पिछले चार दिनों से सक्रिय सिस्टम के कारण प्रदेश के 45 जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी है, जिनमें 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। तेज आंधी और बारिश से केला, पपीता और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। धार और खरगोन सहित कई जिलों में फसल नुकसान ज्यादा हुआ है।












