भोपाल, 21 मार्च।
मध्य प्रदेश में पिछले 72 घंटों से मौसम की स्थिति अस्थिर बनी हुई है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय होने के कारण प्रदेश के 42 जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित कई क्षेत्रों में लगातार मौसम खराब रहा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 18 मार्च से प्रदेश में सक्रिय मजबूत वेदर सिस्टम अभी भी प्रभावी है। तीन ट्रफ लाइनों और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण पूर्वी जिलों में शनिवार को भी मौसम अस्थिर रहेगा। रीवा और सिंगरौली समेत 14 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तेज हवाओं (लगभग 74 किमी प्रति घंटा) और ओलावृष्टि से गेहूं, केला, पपीता और संतरे जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 42 जिलों के 112 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में सबसे ज्यादा लगभग पौन इंच बारिश हुई। बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, बैतूल, भोपाल और दमोह में आधा इंच या अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। ओलावृष्टि से आलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह और सिवनी के खेतों में फसलें प्रभावित हुईं। लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हुई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि खजुराहो में 10.9 डिग्री की गिरावट देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम 21 मार्च तक सक्रिय रहेगा और 22 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी होगा। 26 मार्च के आसपास फिर एक नया सिस्टम प्रदेश में बारिश ला सकता है।












