भोपाल, 18 मार्च।
मध्य प्रदेश में बुधवार से मौसम अचानक करवट लेने जा रहा है और अगले चार दिनों तक प्रदेश में गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने आंधी-बारिश के साथ गरज-चमक और बादलों के छाए रहने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। 19 से 21 मार्च के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के पश्चिम-उत्तर हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, जबकि दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में भी एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव बना हुआ है। ग्वालियर-चंबल अंचल में मंगलवार को बादल छाए रहे और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार के लिए ग्वालियर सहित 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी 21 मार्च तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
तापमान की बात करें तो खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 38.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। खजुराहो में 38.4, नरसिंहपुर में 38, रायसेन में 37.6, मंडला में 37.5, नर्मदापुरम में 37.2 और खंडवा में 37.1 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 36.1 डिग्री रहा। भोपाल में 35.2, इंदौर में 34.9 और उज्जैन व ग्वालियर में 35.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मार्च के पहले पखवाड़े में तेज गर्मी का असर देखा गया, लेकिन अब मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस महीने पहली बार इतना मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसका असर चार से पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा। हालांकि, इसके गुजरने के बाद 22 मार्च से गर्मी फिर तेज हो जाएगी और मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है, जबकि रात का तापमान 14 से 20 डिग्री के बीच रहेगा।
पिछले 10 वर्षों के ट्रेंड के अनुसार, मार्च में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं और बीच-बीच में बारिश होती है। इस बार भी मौसम इसी पैटर्न पर चल रहा है। अप्रैल और मई में प्रदेश में 15 से 20 दिनों तक लू चलने की संभावना जताई गई है।












