अनूपपुर, 27 अप्रैल
जिले के मुख्यालय से लगभग आठ किलोमीटर दूर भोलगढ़ गांव में हाथी के हमले से महिला की मौत के बाद सोमवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव स्वीकार करने से इनकार कर दिया और हाथियों को गांव से हटाने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तथा प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए।
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर भोलगढ़ निवासी प्रेमवती पाव की हाथी के हमले में मौत हो गई थी। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस अभिरक्षा में एंबुलेंस से शव गांव पहुंचाया गया, लेकिन परिजनों ने शव वाहन से उतारने से भी साफ इनकार कर दिया।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में भोलगढ़ मढ़िया प्रांगण में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग घेराव की चेतावनी देते हुए वन और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग रखी।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने हाथियों को तत्काल गांव से हटाने या सुरक्षित रेस्क्यू करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा हाथियों के हटने तक अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने अब तक हाथियों से हुए नुकसान और वितरित मुआवजे की पूरी जानकारी भी मांगी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर हाथियों के रेस्क्यू, उचित मुआवजा और जिम्मेदार वन अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो वन विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
इस बीच प्रशिक्षु डीएफओ और एसडीओ वन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि हाथियों को शीघ्र ही क्षेत्र से हटाया जाएगा। उन्होंने आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पंचायत स्तर पर अतिरिक्त मदद, घायलों के बेहतर उपचार तथा तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया।













