06 अप्रैल, हरिद्वार ।
जनपद में महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने क्लाउड किचन के माध्यम से रोजगार सृजन की नई पहल शुरू की है। इसी कड़ी में सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूबेटर सेंटर में क्लाउड किचन के दूसरे चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के मार्गदर्शन में महिलाओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह पहल उन्हें घर से व्यवसाय शुरू करने का अवसर देने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता भी प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार राज्य का पहला ऐसा जिला है, जहां महिला समूहों को क्लाउड किचन संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे महिलाएं अपनी रसोई से ही रोजगार उत्पन्न कर सकेंगी और आय में वृद्धि कर पाएंगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी बताया कि जिले के औद्योगिक क्षेत्रों और कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को घर जैसा भोजन नहीं मिल पाता। इसे ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके। पहले चरण में 25 महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया और उन्होंने “गंगा रसोई” नाम से क्लाउड किचन का संचालन भी शुरू कर दिया है।
परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल ने बताया कि प्रशिक्षण राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), एमएमयूवाईआई और रिप टीम के सहयोग से आरसेटी द्वारा संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को उद्यम पंजीकरण, बीएमसी और फूड लाइसेंस जैसी सुविधाएँ दी जाएंगी, साथ ही सीसीएल, सीआईएफ और वीओ के माध्यम से वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
लीड बैंक अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि यह कार्यक्रम पंजाब नेशनल बैंक की सीएसआर गतिविधियों के तहत आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर निदेशक आरसीटी शिव कुमार, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, परियोजना प्रबंधक रिप संजय सक्सेना, एमसेल्स अमित शर्मा, बीपीडीई राव आशकर, इंक्यूबेशन मैनेजर योगेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं उपस्थित रहीं।


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