जोधपुर, 06 अप्रैल।
जोधपुर महानगर के अपर जिला न्यायालय संख्या चार के न्यायाधीश तरुण कुमार कुमावत ने प्रॉपर्टी व्यवसायी सियाराम के बेटे के अपहरण मामले में सभी पांच आरोपियों को उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
मामले की पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक दशरथ सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रॉपर्टी व्यवसायी सियाराम ने 12 मार्च 2016 को अपने बेटे के अपहरण की शिकायत बनाड़ पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी। घटना के दिन बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी अपराधियों ने सफेद स्विफ्ट कार में उसे जबरदस्ती उठाकर ले गए। उसी दिन लगभग 10:30 बजे सियाराम के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से डेढ़ करोड़ की फिरौती मांगी गई और पुलिस को सूचना देने से मना किया गया।
15 मार्च 2016 को बच्चा बावड़ी के पास एक होटल में सुरक्षित मिला, जिसे बच्चे ने स्वयं अपनी मां को बताया। बनाड़ पुलिस थाना के तत्कालीन उप निरीक्षक एवं अनुसंधान अधिकारी कमलदान चारण ने आरोपियों को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया और चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की।
अपर लोक अभियोजक ने कोर्ट से अपराध की गंभीरता के कारण कड़ी सजा की मांग की, जबकि आरोपियों ने निर्दोष होने का दावा किया।
न्यायाधीश तरुण कुमार कुमावत ने 32 गवाहों और 84 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर सभी पांच अभियुक्त—जितेंद्र सिंह, नटवर सिंह, रिड़मल सिंह, लोकेश सारण और राजू सिंह उर्फ राजेंद्र सिंह—को दोषी ठहराया और उन्हें उम्रकैद के साथ 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।


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