अनूपपुर, 20 अप्रैल
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत वेंकटनगर स्थित तिपान नदी का पुल अब जर्जर हालत में पहुंच चुका है। 1980 में निर्मित यह पुल अपनी समय सीमा पूरी कर चुका है और वर्तमान में इसकी स्थिति बेहद चिंताजनक है। अनूपपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर होने के कारण इस पर लगातार भारी वाहनों का दबाव बना रहता है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि कोयला खदानों और जैतहरी स्थित मोजरबेयर पावर प्लांट के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिलासपुर और भिलाई से आने वाला लौह अयस्क और कोयला इसी पुल से होकर मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों तक पहुंचता है। लगातार भारी मालवाहक वाहनों के दबाव ने पुल की संरचना को कमजोर कर दिया है। पुल की सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है, लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं और रेलिंग व साइड वॉल कई जगह से टूट चुकी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग हर बार केवल हल्की मरम्मत कर औपचारिकता निभा देता है, जो कुछ ही दिनों में फिर से खराब हो जाती है। पुल की आधारशिला 1980 में रखी गई थी और 1982 में इसका लोकार्पण हुआ था। चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका ठोस जीर्णोद्धार नहीं किया गया है। यह मार्ग बिलासपुर-कटनी जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक कॉरिडोर का हिस्सा है, फिर भी प्रशासन की अनदेखी जारी है। ग्रामीण अब अस्थायी मरम्मत के बजाय नए मजबूत पुल की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
जल्द शुरू होगा काम स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री पी.के. लोरिया ने बताया कि सेतु निगम को पुल और सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक-दो दिनों के भीतर मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।










