हरिद्वार, 21 अप्रैल।
हरिद्वार के भूपतवाला स्थित ओम मुरारी आश्रम में आयोजित संतों की बैठक में धार्मिक संतों और आश्रम प्रमुखों ने मिलकर “अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद” के गठन की घोषणा की। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संत समाज की एकता, अधिकारों की सुरक्षा और सामूहिक शक्ति को मजबूत किया जाएगा।
बैठक में महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि संत रामविशाल दास को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया। इसके साथ ही श्री महंत बाबा बलराम दास हठयोगी को आजीवन संरक्षक घोषित किया गया।
उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी स्वामी विनोद महाराज को दी गई, जबकि स्वामी स्वयमानंद महाराज को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया। महंत ओमानंद को मंत्री और स्वामी सत्यव्रतानंद महाराज को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। महंत गोपाल गिरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।
स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने कहा कि यह परिषद संतों और आश्रमों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के शोषण और अन्याय के खिलाफ संगठित आवाज उठाई जाएगी।
आगामी अर्धकुंभ को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि सरकार और प्रशासन के साथ समन्वय कर संतों और आश्रमों के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
इसके अलावा यह भी तय हुआ कि जल्द ही कार्यकारिणी की अगली बैठक आयोजित कर संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान और समस्याओं के समाधान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।



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