भोपाल, 19 अप्रैल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देने वाले विभिन्न विकास कार्यों की शुरुआत करेंगे। इस दौरान वे कई परियोजनाओं का भूमिपूजन करने के साथ ही पूर्ण हो चुके तीन कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री पूर्वाह्न 11:30 बजे उज्जैन पहुंचेंगे और पुलिस लाइन हेलीपेड पर निर्मित विश्रामगृह का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वे हामूखेड़ी में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होंगे। आगे वे कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा।
बताया गया है कि इन विकास कार्यों से शहर की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी। यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और सिंहस्थ की तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री द्वारा कुल 156.23 करोड़ रुपये की लागत से कई परियोजनाओं का भूमिपूजन किया जाएगा, जिनमें हरसिद्धि पाल से रामघाट मार्ग चौड़ीकरण, गुदरी चौराहा से हरसिद्धि पाल तक मार्ग विस्तार, बंबई वाले की धर्मशाला से दानी गेट तक सड़क निर्माण, मकोडिया आम चौराहा से कानीपुरा-तराना मार्ग तक सड़क निर्माण, नीलगंगा सरोवर और सोलह सागर झील का कायाकल्प, कालिदास उद्यान का विकास, विक्रम कीर्ति संग्रहालय के कार्य तथा महाकाल लोक में पैदल मार्ग पर शेड निर्माण सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त 20.73 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण भी किया जाएगा, जिनमें कोठी रोड से देवास रोड तक सड़क चौड़ीकरण, सफाई कार्यों के लिए उपकरण उपलब्ध कराना तथा पुलिस लाइन हेलीपेड पर प्रतीक्षालय निर्माण शामिल हैं।
ये सभी कार्य सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और शहर की व्यवस्थाएं सुदृढ़ हो सकें। साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन में भी सुधार होगा।
अक्षय तृतीया के अवसर पर उज्जैन में धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का विशेष माहौल देखने को मिलेगा। कार्तिक मेला ग्राउंड में अबूझ मुहूर्त में सामूहिक विवाह एवं निकाह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 112 जोड़े वैवाहिक जीवन की शुरुआत करेंगे।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष तृतीया तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग 20 अप्रैल को बन रहा है, जो दान और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। वहीं 19 अप्रैल को तृतीया लगने के कारण अधिकांश विवाह इसी दिन संपन्न होंगे। अक्षय तृतीया को बिना मुहूर्त के भी शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। आयोजन में 100 जोड़े हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करेंगे, जबकि 12 जोड़े निकाह के माध्यम से अपने नए जीवन की शुरुआत करेंगे। प्रत्येक नवदंपति को राज्य सरकार की ओर से 49 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।










