कोलकाता, 15 अप्रैल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, इसी बीच भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए दावा किया है कि 4 मई को राज्य में सत्ता परिवर्तन तय है।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अवैध गतिविधियों को संरक्षण दे रही है और तुष्टीकरण की राजनीति के सहारे शासन चला रही है।
उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी सरकार की पहचान अब बांग्लादेशी घुसपैठियों, नकली नोट गिरोहों और फर्जी आधार कार्ड बनाने वालों को संरक्षण देने वाली बन चुकी है, साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को भी बचाया जा रहा है।
रोजगार के मुद्दे पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य के युवाओं के लिए बने रोजगार अवसर बाहरी लोगों को दिए जा रहे हैं और घुसपैठियों को नौकरी मिलने से स्थानीय नागरिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, जिससे यह गंभीर सवाल उठता है कि राज्य में आखिर कौन सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि इसी तुष्टीकरण की राजनीति के चलते उन्होंने दावा किया है कि 4 मई को ममता बनर्जी की विदाई तय है।
महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं की सराहना की और कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एलपीजी कनेक्शन, नल जल योजना, मुफ्त राशन, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को बड़ा लाभ मिला है और करोड़ों लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है।
गौरतलब है कि महिला आरक्षण कानून 2023 में पारित हो चुका है, लेकिन जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इसके लागू होने में देरी हो रही है और प्रस्ताव के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 850 करने तथा एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की बात शामिल है।









