लखनऊ, 25 अप्रैल
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी पार्टी की रणनीति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। आठवले ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में ब्लाक स्तर पर मजबूत संगठन तैयार कर रही है, जिससे आगामी चुनावों में जनता की आवाज को प्रभावी रूप से उठाया जा सके।
आठवले ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी एनडीए का अहम हिस्सा है और वे 2027 में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने भाजपा से 25 सीटों पर गठबंधन में चुनाव लड़ने की इच्छा जताई, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो पार्टी अकेले चुनाव में भाग लेगी। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में दलित बहुल सीटों पर उनकी पार्टी का मजबूत दावा है।
आठवले ने महिला आरक्षण पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि ये दोनों पार्टियां महिला विरोधी हैं और महिलाओं के विकास में अड़चन डाल रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की स्थिति पर भी टिप्पणी की, जो पहले सत्ता में थी, लेकिन अब उसकी स्थिति काफी कमजोर हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आठवले ने दलित बहुल गांवों में समाज भवन बनाने की मांग की और यह भी कहा कि इन भवनों का संचालन दलितों के हाथों में दिया जाना चाहिए। इस दौरान उनके साथ आरपीआई के प्रदेश अध्यक्ष पवन गुप्ता भी मौजूद थे, जिन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर इस संबंध में मांग पत्र देंगे।
इसके अलावा, आठवले ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की गुण्डागर्दी अब नहीं चलेगी और भाजपा इस बार बंगाल में बंपर वोटिंग के साथ सरकार बनाएगी।









