मुरादाबाद, 27 मार्च 2026।
राष्ट्र को संगठित करने का कार्य केवल अर्चक (पुरोहित) ही कर सकते हैं, यह विचार शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद मुरादाबाद महानगर द्वारा आयोजित मंदिर प्रबंधन समिति एवं अर्चक पुरोहित समारोह में अरुण नेटके ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में चार कोस तक एक ही मंदिर हुआ करता था, जबकि आज देश में मंदिरों की संख्या काफी बढ़ गई है।
चुनरिया स्थित होटल में आयोजित इस समारोह में अरुण नेटके ने पुरोहितों से आग्रह किया कि वे अपने सनातन परिवारों को पूजा विधि, भोग का समय और आरती-मंत्र का ज्ञान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मंदिर के अर्चक ही पूजा पद्धति का सटीक ज्ञान लोगों तक पहुंचा सकते हैं और यही उनका प्रमुख कर्तव्य होना चाहिए।
समारोह के दौरान अंतरराष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य और राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित आचार्य डा. जगदीश प्रसाद कोठारी, मठ-मंदिर समितियों के अध्यक्ष, पुरोहित और गुरुद्वारा प्रबंध समितियों के पदाधिकारी सम्मानित किए गए।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के महानगर अध्यक्ष अमित गुप्ता और मंदिर अर्चक पुरोहित संपर्क प्रमुख अनिल कुमार शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।












