29 मार्च 2026, ग्वालियर: जूना अखाड़ा डासना के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी रविवार को ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी की। उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने महात्मा गांधी को समाज के लिए हानिकारक बताया और नाथूराम गोडसे द्वारा की गई हत्या को अलग शब्दों में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वे अपने सहयोगी के निमंत्रण पर गोडसे से जुड़े स्थल पर पहुंचे और वहां स्थापित वीर सावरकर की प्रतिमा को नमन किया।
उन्होंने यह भी कहा कि सावरकर के सिद्धांतों का पालन न करने पर सनातन धर्म के सामने संकट खड़ा हो सकता है। उनके अनुसार, कई क्रांतिकारियों ने सावरकर के विचारों को अपनाया और उसी मार्ग पर चलने की बात कही।
इस दौरान उन्होंने ग्वालियर स्थित एक संगठन के कार्यालय में पहुंचने को भी अपने लिए सम्मान की बात बताया। उनके इन बयानों को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है। महामंडलेश्वर ने कहा कि यह स्वतंत्र भारत का पहला अमूल्य बलिदान था, जो सनातन धर्म की रक्षा के लिए दिया गया। उनके अनुसार, नाथूराम गोडसे एक विचार पुंज हैं और यदि सनातन धर्म व हिंदू समाज उनका सही मूल्यांकन नहीं करेगा, उन्हें नहीं समझेगा, तो हिंदू समाज बहुत जल्दी विनष्ट हो जाएगा।










