लखनऊ, 28 मार्च।
विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय सामाजिक समरसता प्रमुख देवजी भाई रावत ने शनिवार को बताया कि प्रत्येक जिले में विहिप के कार्यकर्ता सेवा बस्ती के एक-एक परिवार को गोद लेकर हिन्दू परिवार मित्र बनाएंगे। इसके साथ ही बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए ट्रेनिंग सेंटर शुरू किए जाएंगे, जिससे दलित युवा आर्थिक रूप से सक्षम हो सकेंगे। इसके अलावा अनुसूचित जाति व जनजाति छात्रावासों में पढ़ने वाले बच्चों से भी संपर्क किया जाएगा।
अवध प्रांत के प्रवास के दौरान देवजी भाई रावत ने बताया कि समरसता यात्रा के तहत अस्पृश्यता मुक्त और समरस भारत बनाने के लिए गांवों में आम जनता से संकल्प लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विहिप के कार्यकर्ता देशभर में ऐसे लोगों की सूची तैयार करेंगे जिन्होंने अनुसूचित समाज के अधिकारों पर डाका डाला है और उन अधिकारों को वास्तविक अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा।
देवजी भाई ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि धर्मांतरण के बाद कोई भी व्यक्ति अनुसूचित जाति की संवैधानिक श्रेणी में नहीं आता और ऐसे में उसे एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत संरक्षण नहीं मिलेगा। यह निर्णय संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के अनुरूप है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल हिन्दू, सिख और बौद्ध धर्म के अनुयायी ही अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं।
जनसंख्या असंतुलन पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता है कि प्रभावी जनसंख्या नीति बनाई जाए। इसके साथ नारी सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सांप्रदायिक जनसंख्या संतुलन नीतियों के माध्यम से जनता की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।












