भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने एशियाई बैडमिंटन चैम्पियनशिप के पुरुष एकल वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया। उन्होंने शनिवार को मौजूदा चैंपियन और विश्व नंबर एक कुनलावुत वितिदसार्न को पराजित कर अंतिम चरण में जगह बना ली। इस जीत के साथ आयुष इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले केवल दूसरे भारतीय बन गए हैं।
इससे पहले इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से वर्ष 1965 में दिनेश खन्ना ने स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद सुरेश गोयल, प्रकाश पादुकोण, पुलेला गोपीचंद, अनुप श्रीधर और एच. एस. प्रणय ने अलग-अलग वर्षों में कांस्य पदक प्राप्त किए थे, लेकिन कोई भी खिलाड़ी फाइनल तक नहीं पहुंच सका था।
विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर मौजूद आयुष ने यह मुकाबला एक घंटे पंद्रह मिनट तक चले संघर्षपूर्ण मैच में 10-21, 21-19 और 21-17 से अपने नाम किया। अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना चीन के शि यू ची या चीनी ताइपे के चोउ तिएन चेन में से किसी एक से होगा।
यह आयुष और वितिदसार्न के बीच दूसरी भिड़ंत थी। इससे पहले आर्कटिक ओपन में दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आए थे, जिसमें थाई खिलाड़ी ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी वितिदसार्न ने पहला गेम आसानी से जीत लिया, लेकिन उसके बाद आयुष ने जबरदस्त वापसी की।
दूसरे गेम में आयुष ने मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाते हुए बढ़त हासिल की। विरोधी खिलाड़ी की वापसी की कोशिशों के बावजूद उन्होंने निर्णायक अंक लेकर मैच को तीसरे गेम तक पहुंचा दिया। अंतिम गेम में आयुष ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और शानदार स्मैश के दम पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
इससे पहले आयुष ने शुरुआती दौर में विश्व नंबर सात ली शी फेंग को हराया था। इसके बाद उन्होंने ची यू जेन को सीधे गेमों में मात दी थी, जबकि क्वार्टर फाइनल में विश्व नंबर चार जोनाथन क्रिस्टी को हराकर अंतिम चार में स्थान बनाया था।
अब पूरे देश की निगाहें आयुष शेट्टी पर टिकी हैं, जो खिताब जीतकर इतिहास रचने के इरादे से अंतिम मुकाबले में उतरेंगे।


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