हैदराबाद, 27 अप्रैल
तेलंगाना में सोमवार को आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन और तेलंगाना जन समिति के अध्यक्ष एम. कोदंडराम ने विधान परिषद सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।
यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम हैदराबाद में संपन्न हुआ, जहां विधान परिषद के अध्यक्ष गुत्ता सुकेंदर रेड्डी ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें विधान परिषद के उपाध्यक्ष बंदा प्रकाश, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू शामिल थे।
इससे पहले राज्य की कांग्रेस सरकार ने रविवार को एक गजट अधिसूचना जारी कर मोहम्मद अजहरुद्दीन और एम. कोदंडराम को राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद सदस्य के रूप में नामित किया था, जिसके बाद उनके एमएलसी बनने का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया।
गौरतलब है कि मोहम्मद अजहरुद्दीन ने पिछले वर्ष अक्टूबर में मंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार उन्हें छह माह के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना आवश्यक था, अन्यथा उनका मंत्री पद संकट में आ सकता था। यह समयसीमा 30 अप्रैल को समाप्त होने वाली थी।
ऐसे में उनके विधान परिषद सदस्य बनने और शपथ ग्रहण को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनका मंत्री पद भी सुरक्षित हो गया है।
इससे पहले राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने दोनों नामों को मंजूरी प्रदान की थी, जिसके बाद औपचारिक प्रक्रिया पूरी हुई और वे परिषद सदस्य बन सके।
पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता मोहम्मद अजहरुद्दीन के लिए यह नियुक्ति विशेष रूप से अहम मानी जा रही है, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता एवं टीजेएस प्रमुख एम. कोदंडराम का परिषद में प्रवेश भी राज्य की राजनीतिक दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों नेताओं के शामिल होने से राज्य सरकार को संगठनात्मक और राजनीतिक मजबूती मिलेगी तथा विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधित्व में संतुलन भी स्थापित होगा।













