कोलकाता, 09 मई।
कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में शनिवार को आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति रही। इसी अवसर पर शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
उनके मंत्रिमंडल में कुल पाँच विधायकों को शामिल किया गया है, जिनमें उत्तर बंगाल से दो और दक्षिण बंगाल से तीन प्रतिनिधियों को स्थान दिया गया है। नए मंत्रिमंडल में आदिवासी, मतुआ और राजवंशी समुदायों से जुड़े क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर समावेशी शासन का संदेश देने का प्रयास किया गया है।
शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम से विजय प्राप्त की है, जबकि खड़गपुर सदर से दिलीप घोष, आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पाल, बनगांव उत्तर से अशोक कीर्तनिया, बांकुड़ा के रानीबांध क्षेत्र से क्षुदिराम टुडू तथा कूचबिहार के माथाभांगा से निशीथ प्रमाणिक ने जीत दर्ज की है। हालांकि अभी तक मंत्रियों के विभागों का वितरण घोषित नहीं किया गया है।
दिलीप घोष लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे हैं तथा वर्ष 2015 से 2021 तक प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पद पर रहे। वर्ष 2016 में खड़गपुर सदर से विधायक बने और पुनः उसी क्षेत्र से जीत हासिल की। 2019 में मेदिनीपुर से लोकसभा सदस्य चुने गए, हालांकि 2024 में बर्धमान-दुर्गापुर सीट से उन्हें पराजय मिली।
अग्निमित्रा पाल पेशे से फैशन डिज़ाइनर रही हैं और 2019 के बाद राजनीति में सक्रिय हुईं। 2021 में आसनसोल दक्षिण से विधायक बनीं और इस बार भी बड़े अंतर से विजय प्राप्त की।
अशोक कीर्तनिया मतुआ समुदाय से आते हैं और 2021 में बनगांव उत्तर से विधायक बने थे। इस बार भी उन्होंने जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे और मंत्रिमंडल में स्थान पाया।
क्षुदिराम टुडू आदिवासी समुदाय से संबंध रखते हैं और रानीबांध क्षेत्र से लगातार चुनाव लड़ते रहे हैं। शिक्षक के रूप में कार्य कर चुके टुडू ने इस बार भी जीत दर्ज कर मंत्रिपरिषद में स्थान प्राप्त किया।
निशीथ प्रमाणिक पहले तृणमूल युवा संगठन से जुड़े रहे, लेकिन 2019 में भाजपा में शामिल होकर कूचबिहार से लोकसभा सदस्य बने। बाद में केंद्रीय स्तर पर भी जिम्मेदारी संभाली। 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद इस बार उन्हें माथाभांगा से विधानसभा में उतारा गया, जहां से उन्होंने विजय प्राप्त कर मंत्रिमंडल में जगह बनाई।










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