केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद एन. रंगास्वामी 13 मई को पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राजभवन में होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
इससे पहले शुक्रवार को हुई राजग विधायक दल की बैठक में एन. रंगास्वामी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद उन्होंने देर रात उपराज्यपाल कैलाशनाथन से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया और 18 समर्थक विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे।
नई सरकार के गठन की प्रक्रिया के साथ ही मंत्रिमंडल के स्वरूप और विभागों के बंटवारे पर भी मंथन जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रंगास्वामी ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ बैठक कर संभावित मंत्रिमंडल और सत्ता साझेदारी को लेकर विचार-विमर्श किया। बताया गया है कि मनसुख मंडाविया पुडुचेरी चुनाव के प्रभारी रहे हैं और रणनीति में उनकी अहम भूमिका रही है।
सूत्रों के अनुसार, 18 मई को नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इसी बीच एन. रंगास्वामी ने गठबंधन सहयोगी भारतीय जनता पार्टी को उपमुख्यमंत्री पद और दो मंत्री पद देने की घोषणा की है, जिससे नई सरकार में भाजपा की भूमिका अधिक प्रभावशाली मानी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था, जिसमें 90.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह मतदान केंद्रशासित प्रदेश के इतिहास में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत में से एक माना जा रहा है।
4 मई को घोषित परिणामों में ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 18 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस को 12 सीटें, भारतीय जनता पार्टी को 4 सीटें, जबकि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और देशीय मुर्पोक्कु द्रविड़ कझगम को एक-एक सीट मिली।










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