भोपाल, 09 मई।
मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं तहसील स्तर के व्यवहार न्यायालयों में शनिवार को व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। नागरिकों के हित और आर्थिक सहयोग को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लागू किया है।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में संपत्ति कर, जल कर एवं अन्य उपभोक्ता कर से जुड़े लंबित मामलों में अधिभार पर शत-प्रतिशत तक की राहत दी जा रही है। योजना के तहत 50 हजार रुपये तक के संपत्ति कर और 10 हजार रुपये तक के जल कर के बकाया मामलों में अधिभार पूर्ण रूप से माफ किया जाएगा। इससे अधिक बकाया होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार 25 से 75 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की बकाया राशि पर यह लाभ एकमुश्त निपटान के रूप में लागू रहेगा।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को छूट के बाद शेष राशि अधिकतम दो आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है, जिसमें लोक अदालत के दिन न्यूनतम 50 प्रतिशत राशि जमा करना अनिवार्य होगा। राज्य शासन ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में इस राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेकर अपने लंबित मामलों का निराकरण कराने की अपील की है।
इसी के साथ बताया गया है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से नगरीय निकायों से जुड़े मामलों का त्वरित और सरल समाधान संभव होगा, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। यह पहल न केवल कर भार को कम करेगी, बल्कि नगरीय निकायों को एकमुश्त राजस्व प्राप्त करने में भी सहायक सिद्ध होगी।










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