भोपाल, 08 मई।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देवास जिले के चिड़ावत गांव की खराब जल व्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जल जीवन मिशन और “हर घर नल से जल” योजना में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
पटवारी ने कहा कि जिस गांव को सरकारी रिकॉर्ड में “आदर्श ग्राम” बताया जा रहा है, वहां आज भी ग्रामीणों को पानी के लिए खेतों और दूर-दराज के स्थानों पर जाना पड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे डिब्बों में पानी भरकर लाने को मजबूर हैं, जो सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में घोषित “हर घर नल से जल” योजना के तहत 2024 तक हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कई गांवों में नल केवल दिखावे तक सीमित हैं। कहीं पाइपलाइन अधूरी पड़ी है तो कहीं जल टंकियां बंद अवस्था में हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देवास के चिड़ावत गांव का हालिया वीडियो बेहद चिंताजनक है, जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास को जमीन पर लागू करने के बजाय कागजों पर दिखाने में अधिक रुचि रखती है।
पटवारी ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें खराब छोड़ दी गईं, जल टंकियां कुछ समय बाद ही खराब हो गईं और करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गांवों तक पानी नहीं पहुंच पाया।
उन्होंने इसे जनता के टैक्स के पैसे की खुली लूट करार दिया और कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर होती तो इन कार्यों का सामाजिक ऑडिट कराया जाता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा भारी बजट आवंटन के बावजूद गांवों में पानी की समस्या क्यों बनी हुई है।
इस मामले में कांग्रेस ने मांग की है कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए, जल जीवन मिशन की स्वतंत्र जांच हो, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज की जाए तथा “आदर्श ग्राम” की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर कथित विकास मॉडल और भ्रष्टाचार की सच्चाई जनता के सामने रखती रहेगी।



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