जौनपुर, 08 मई।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता गहराती जा रही है। इसी मुद्दे पर जौनपुर स्थित शिया कॉलेज मैदान में आयोजित मजलिस के उपरांत ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि आयतुल्लाह डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने मीडिया से बातचीत में ईरान का पक्ष रखते हुए कहा कि ईरानी जनता पूरी मजबूती के साथ संघर्ष में डटी हुई है और अंततः विजय उसी की होगी।
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान केवल सैन्य टकराव का सामना नहीं कर रहा, बल्कि यह संघर्ष आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार देश की जनता कठिन परिस्थितियों के बावजूद सड़कों पर मौजूद रहकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रही है।

इलाही ने दावा किया कि इस संघर्ष में अब तक चार हजार से अधिक निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक लाख से अधिक आवासीय ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि पचास से अधिक विश्वविद्यालयों और अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचा है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि 28 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा था, लेकिन हालिया घटनाओं के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। वर्तमान में लगभग पंद्रह सौ जहाज और दो हजार से अधिक चालक दल के सदस्य इस मार्ग में फंसे हुए हैं।
उन्होंने इसके लिए संघर्ष की शुरुआत करने वाली ताकतों को जिम्मेदार ठहराते हुए अमेरिका पर भी निशाना साधा। इलाही ने आरोप लगाया कि अमेरिका किसी वास्तविक समझौते के लिए गंभीर नहीं है और तेल बाजार तथा क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित करने के उद्देश्य से तनाव को बढ़ा रहा है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी बताया। साथ ही ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उसका परमाणु हथियार विकसित करने का कोई इरादा नहीं है और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनई द्वारा इसे पहले ही धार्मिक रूप से निषिद्ध घोषित किया जा चुका है।

अंत में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह निष्पक्ष भूमिका निभाते हुए शांति स्थापना और कूटनीतिक समाधान की दिशा में सक्रिय प्रयास करे।






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