बेरूत, 07 मई।
लेबनान में पिछले महीने लागू सैन्य विराम के बीच बुधवार शाम इजराइल ने राजधानी बेरूत में पहली बार हवाई हमला किया। इस कार्रवाई में हिजबुल्लाह की एलीट रदवान फोर्स के कमांडर मालेक बल्लूत की मौत हो गई। यह हमला उस समय हुआ जब दोनों पक्षों के बीच संघर्ष के स्तर में कमी तो आई थी, लेकिन तनाव लगातार बना हुआ है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने संयुक्त बयान में कहा कि वायुसेना ने हिजबुल्लाह की रदवान फोर्स के एक प्रमुख कमांडर को निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई इजराइल डिफेंस फोर्सेज की सटीक योजना का हिस्सा थी और इसमें संबंधित कमांडर को समाप्त कर दिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, इजराइली वायुसेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में भारी हवाई हमला किया, जिसे हिजबुल्लाह का मजबूत गढ़ माना जाता है। इस हमले के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि संगठन के उन तत्वों को निशाना बनाया गया जो इजराइली नागरिक क्षेत्रों पर हमलों और सैनिकों को नुकसान पहुंचाने में शामिल थे।
इजराइली नेतृत्व ने यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा नीति के तहत किसी भी दुश्मन को छोड़ा नहीं जाएगा और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि इजराइली रक्षा बलों की ओर से इस दुर्लभ राजधानी हमले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
उधर, बुधवार को ही दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ड्रोन और रॉकेट हमलों में सात इजराइली सैनिक घायल हो गए। इनमें एक सैनिक की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि अन्य को हल्की चोटें आईं। सेना ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनके परिवारों को सूचना दे दी गई है।
इजराइली सेना के अनुसार, सीमा क्षेत्र में तैनात सैनिकों के पास कई विस्फोटक ड्रोन और रॉकेट गिरे, हालांकि किसी अन्य बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। एक ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया गया है।
इसके साथ ही इजराइल ने उत्तरी क्षेत्रों में रॉकेट हमले की चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करने का फैसला किया है, जिससे अलर्ट समय को बढ़ाया जाएगा। इन घटनाओं ने अमेरिका की मध्यस्थता से चल रहे शांति प्रयासों की चुनौतियों को भी उजागर किया है, क्योंकि संघर्ष विराम के बावजूद दोनों पक्षों में हमले जारी हैं।










