भोपाल, 07 मई।
भोपाल में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 से विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रियों से अपील की कि यात्रा के दौरान भगवान की भक्ति, सत्संग और आध्यात्मिक वातावरण का पूर्ण आनंद लें।
संस्कृति विभाग द्वारा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत आयोजित इस पहली विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 1100 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। यह ट्रेन भोपाल से रवाना होकर उज्जैन स्टेशन पर भी यात्रियों को साथ लेकर सोमनाथ की ओर प्रस्थान करेगी। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी और भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की हत्या की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन चुनावी हार की निराशा में हिंसा का रास्ता अपनाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में हिंसा का कोई स्थान नहीं हो सकता और जनता ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं करती।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विदेशी ताकतों को यह समझ लेना चाहिए कि नया भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास पर जोर देते हुए उज्जैन का उदाहरण दिया और बताया कि ‘महाकाल लोक’ के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार आक्रमणों का सामना करने के बावजूद यह मंदिर आज भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसी क्रम में हेली सेवा के बाद अब रेल माध्यम से विशेष यात्रा की शुरुआत की गई है।
मुख्यमंत्री ने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव विश्व कल्याण और ‘जियो और जीने दो’ के संदेश को आगे बढ़ाती रही है। उन्होंने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-2026’ का आयोजन 8 से 11 जनवरी तक सोमनाथ में होगा, जिसमें मध्य प्रदेश का दल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेगा। इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत करना है।











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